Move On 🥺
मूव ऑन करना आसान नहीं होता... जिसके साथ एक उम्र बिताया हो, जीवन संजोया हो, ख़्वाब बुने हों, साथ चले हो, सबसे लड़े हो, दुःख बाँटा हो, खुद को सँवारा हो, रातों में जगे हो, अपनापन महसूस हुआ हो, आत्मसम्मान दाँव पे लगा दिया हो... उसके लिए शायद नामुमकिन है मूव ऑन कर पाना..!! फिर भी, हर सुबह आँख खोलते ही एक अधूरी कहानी का बोझ महसूस होता है, एक खालीपन जो किसी शोर से नहीं भरता। दिल का हर कोना उस बीते हुए कल को मुट्ठी में थामे रखना चाहता है, जबकि वक्त बिना रुके आगे बढ़ रहा होता है। यह सिर्फ एक इंसान को भूलने की बात नहीं है, यह तो अपने पहचान के एक बड़े हिस्से को मिटा देने जैसा है। यह जानते हुए भी कि अब रास्ते अलग हैं, मन का एक हिस्सा आज भी उस पुरानी दहलीज पर रुका है, एक चमत्कार की उम्मीद में, क्योंकि मोहब्बत इतनी आसानी से हार मानना नहीं जानती। यादें पीछा नहीं छोड़तीं, वे साँसों की तरह अंदर चली जाती हैं और वहीं ठहर जाती हैं। अब तो आलम यह है कि खुद को खुश भी दिखाओ तो भीतर से एक टूटन आवाज लगाती है, "सब झूठ है।" सच तो यह है कि रिश्ता भले ही खत्म हो गया हो, पर उस रिश्ते में जीया हुआ जीवन आज ...